वार्षिक राष्ट्रीय संगोष्ठी 2024: भारतीय संस्कृति का मूल सनातन धर्म!
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स्वतंत्रता सेनानी, प्रखर चिंतक और समाजवादी राजनेता राममनोहर लोहिया ने लिखा था कि राम, कृष्ण और शिव भारत में पूर्णता के तीन महान स्वप्न हैं। सबका रास्ता अलग-अलग है। राम की पूर्णता मर्यादित व्यक्तित्व है, कृष्ण की उन्मुक्त या संपूर्ण व्यक्तित्व में और शिव की असीमित व्यक्तित्व में, लेकिन हर एक पूर्ण है। दूसरी तरफ एक और राजनेता हैं और वो हमारे वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं। उनकी पार्टी का संविधान भी समाजवाद की घोषणा करता है, लेकिन एक नये तरह के समाजवाद का, जिसका नाम है ‘गांधीवादी समाजवाद’। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की पूर्णता के तीन महान स्वप्न राम, कृष्ण और शिव को काॅरिडोर और पर्यटन में बदल कर बिजनस का रूप दे दिया है और विश्व में वह भारत की पहचान अकसर बुद्ध और गांधी से करते और कहते फिर रहे हैं। इस सेमिनार में धर्म, अध्यात्म, समाज और राजनीति के एक से बढ़कर एक जानकार और विशेषज्ञ उपस्थित होंगे, जो दिन भर चले सेमिनार में अपनी अवधारणा को रखेंगे और इस पर अपना पेपर प्रस्तुत करेंगे।
Awardees Honored